Posts

Showing posts from July, 2016

वन विहार कार्यक्रम हरिद्वार, लच्छीवाला, पांवटा साहिब

Image
जैसा की आपको पता है मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्वयंसेवक हूँ तोसंघ में भी घुमक्कड़ी का बड़ा महत्व है। लेकिन उसको यहाँ एक नाम दिया गया हैवह नाम है वन विहार। ऐसा ही दिल्ली प्रान्त के तीन विभाग पश्चिमी दिल्ली, झंडेवाला विभाग (मध्य दिल्ली) और यमुना विहार विभाग (यमुना पार काक्ष्रेत्र) का एक वन विहार का कार्यक्रम बना 8,9,10 जुलाई को जिसमे हमेहरिद्वार डोईवाला ( लच्छीवाला) और पौंटा साहिब जाना था। कार्यक्रमबहुत ही मज़ेदार होने वाला था तो अपने यमुना विहार विभाग से भी अच्छी खासीसंख्या हो गई 53 स्वयंसेवक सभी को एक जगह इखट्टा करने के लिए अपने विभागकार्यालय नन्द नगरी बुला लिया 8 जुलाई 2016 को रात 8:30 बजे बहुत हलचल थीकार्यालय पर थोड़ी देर बाद हमारे विभाग के सह विद्यार्थी कार्यवाह श्रीमानहरीश जी कार्यक्रम की भूमिका समझाने लगे वह बताने लगे के हम संघ केस्वयंसेवक है तो उसी तरह से कार्यक्रम पूरा करना है। वास्तव में जब इतनीसंख्या में अगर कोई और संस्था कहीं लेकर जाती है तो उनके हाथ पाँव कांपजाते है लेकिन यह संघ का कार्यक्रम है तो यहाँ पहले से सब कुछ तय होता है, और संघ के स्वयंसेवक में व्यवस्था बनायें रखना …

अमरनाथ यात्रा: पहलगाम से पिस्सू टॉप

Image
इस यात्रा-वृत्तान्त को आरम्भ से पढने के लिये यहां क्लिक करें।

4 जुलाई 2015 की दोपहर में हम पहलगाम पहुँच गए। अमरनाथ यात्रा का आधार स्थल पहलगाम है तो यहाँ केंद्रीय रिज़र्व पुलिस के तंबू लगे है तो यात्रियों को एक रात के लिए तो यहाँ रुकना ही होता है। हम भी रुके रात को बाजार में से कुछ जरुरी सामान जैसे दस्ताने खरीदे। भंडारे में भोजन किया और हम सो गए। सुबह उठे लगभग 4 बजे फ्रेश हुए कुल्ला किया मुह धोया इसमें लगभग आधा घंटा चला गया। फिर हमने अपना सामान उठाया और निकल पड़े सुबह सुबह का नज़ारा देखने लायक था। एकदम मस्त लग रहा था। थोड़ी देर बाद ही 5 बज गए और ठीक 5 बजे पहलगाम से चंदनवाड़ी का रास्ता खुल गया हमने वहां से गाडी पकड़ी जो अपने अलग अलग हिसाब से पैसे मांग रहे थे कोई 150 कोई 100 लेकिन हमने सिर्फ 70 रु की गाडी की और चल दी चंदनवाड़ी की ओर जैसे आगे बढेगें तो रास्ते में एक जगह पड़ती है बेताब घाटी.!! बेताब घाटी में फिल्म बेताब की शूटिंग हुई थी वैसे यहाँ और भी कई फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है जैसे हैदर के भी कुछ सीन यहाँ के है। गाडी चल रही थी ये क्या देखते ही देखते गाडी रुक गयी बाहर जाम लगा था ड्राइवर को प…

अमरनाथ यात्रा का आधार तथा पहला पड़ाव: पहलगाम

Image
इस यात्रा-वृत्तान्त को आरम्भ से पढने के लिये यहां क्लिक करें।

4 जुलाई 2015 की सुबह लगभग 12 बजे हम अंकल के घर से खाना खा पी के निकले ऑन्टी ने अपने भाई को पहले ही कह दिया था के के कल हमे पहलगाम छोड़ने जाना है। तो वह समय से गाड़ी लेकर आ गए थे। अभी थोड़ी आगे ही पहुचे थे के आसमान इतना सुन्दर लगने लगा था कि मेरे पास शब्द नहीं है लिखने को। नीला आसमान हमे ऐसा महसूस करा रहा था के जैसे हम आकाश गंगा में सैर कर रहे हो। करीब पौने दो घंटे में अनंतनाग पहुँच गए। जैसे ही अनंतनाग शुरू होता है सुरक्षा बलों और सेना का कड़क पहरा भी शुरू हो जाता है। ऐसा लगने लगता है जैसे सेना की छावनी हो। यह सब नज़ारे आँखे रूपी कैमरे में कैद करते हुए गाडी लिद्दर नदी के साथ साथ चल रही थी। यह लिद्दर नदी पहलगाम में चार चाँद लगा रही थी दूध जैसी इसकी निर्मल धारा मानो स्वर्ग से उतरकर धरती पर आ रही हो।



पहलगाम में बाबा बर्फानी की यात्रा का आधार शिविर है इसलिये यहाँ यात्रियों की सुरक्षा जांच और सामान चेक किया जाता है। पहलगाम में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के द्वारा परिसर में तम्बू लगा रखे थे। यात्री यहां एक रात तो रुकते ही हैं। जैसे टोल ग…

अमरनाथ यात्रा

Image
इस यात्रा-वृत्तान्त को आरम्भ से पढने के लिये यहां क्लिक करें।

अमरनाथ यात्रा वृत्तान्त शुरू करने से पहले कुछ आवश्यक जानकारी जरूरी है। कुछ मित्रों का आग्रह था कि मैं ये जानकारियां भी यहाँ लिख दूं।
रास्ता वैसे तो आप आगे पढेंगे तो सारी जानकारी विस्तार से इन्टरनेट आदि पर मिल जायेगी, लेकिन फिर भी संक्षिप्त में बताता हूँ। अमरनाथ यात्रा पहलगाम से शुरू होती है। पहलगाम सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है और जम्मू से बनिहाल बस से पहुंचकर बनिहाल से ट्रेन से अनंतनाग पहुंचकर अनंतनाग से टैक्सी आदि मिल जाती है पहलगाम के लिए। पहलगाम से चन्दनवाडी 16 किलोमीटर सडक मार्ग चन्दनवाडी से शेषनाग झील 16 किलोमीटर पैदल शेषनाग झील से महागुनस दर्रा 4 किलोमीटर पैदल महागुनस दर्रे से पंचतरणी 6 किलोमीटर पैदल पंचतरणी से अमरनाथ गुफा 6 किलोमीटर पैदल अमरनाथ गुफा से बालटाल 16 किलोमीटर पैदल
यात्रा के लिये आवश्यक सामान यात्रा चूंकि उच्च हिमालयी रास्तों पर पैदल की जाती है, जहां हवा का दबाव भी काफी कम रहता है। इसलिये सबसे पहली बात कि सांस, हृदय और ब्लड प्रेसर के रोगी यात्रा न करें। यात्रा के ये रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है तो अपने…